नई दिल्ली से नागालैंड के दीमापुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार 23 वर्षीय युवती की खांसी और उल्टी आने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही युवती का शव और उसके चचेरे भाई व सहेली को उतारा गया। वह हिमाचल प्रदेश के एक स्पा सेंटर में काम करती थी। 

श्रमिक स्पेशल कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची तो नागालैंड की रहने वाली नैचिनल्यू डिसांग (नैंची) का शव उतारा गया। मामले की जानकारी पर डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी, एसएसपी अनंतदेव तिवारी व रेलबाजार थाने के फोर्स के साथ स्टेशन पहुंचे। डीएम ने जीआरपी को पंचनामा और कोविड की गाइड लाइन से शव का अंतिम संस्कार करने के निर्देश दिए। 

एसएसपी ने ट्रेन से साथ उतरे उसके चचेरे भाई डैनियल और सहेली इराहुई से पूछताछ की। इसके बाद उन्हें नागालैंड जाने वाली बस से भेजने को कहा। सहेली इराहुई ने बताया कि नैंची उसके साथ हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित रिसॉर्ट में स्पा सेंटर में काम करती थी। उसे कुछ समय से लीवर की समस्या हो गई थी, जिसका इलाज भी चल रहा था। 

चचेरा भाई डैनियल भी हिमाचल के एक कॉल सेंटर में काम करता था। लॉकडाउन से पहले करीब 18 मार्च को वह तीनों गुड़गांव में रहने वाली बहन के घर आ गए थे। वहां भी नैची की तबियत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर को दिखाया थ। इरा के मुताबिक रास्ते मे काफी खांसी आ रही थी और उल्टी होने के पांच मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई।