नागालैंड के मुख्यमंत्री नीफिउ रियो और विपक्षी नेता टीआर जेलियांग ने संयुक्त रूप से केंद्र सरकार से दशक लंबे नागा राजनीतिक मुद्दे पर जल्द कदम उठाने का आह्वान किया है। रियो और ज़ेलियांग दोनों ने कहा कि उन्होंने शांति और एकता के लिए संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने केंद्र और नागा संगठनों से शांति वार्ता में भाग लेने का आग्रह किया। इन्होंने कहा कि नागा मुद्दे को सुलझाने के बाद क्षेत्र के लोगों में समृद्धि आएगी। संयुक्त बयान 20 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के बाद आया था।


राज्य सरकार ने सभी नागरिक समाज संगठनों, राजनीतिक दलों, पूर्व सांसदों और सार्वजनिक नेताओं के प्रतिनिधियों के साथ एक परामर्श बैठक बुलाई थी। संयुक्त बयान में कहा गया है कि विपक्षी एनपीएफ ने 15 अक्टूबर की बैठक के दौरान अपनाए गए प्रस्तावों की सामग्री और भावना को स्वीकार किया और नागा मुद्दे के समाधान के लिए सभी पहलों को सक्रिय रूप से समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। नागालैंड सरकार ने 14 सितंबर को राजनीतिक मामलों के मिशन के बैनर तले एक बैठक में अपनाई गई एनपीएफ पार्टी के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया।


उल्लेखनीय है कि नागालैंड में शांति का संदेश फैलाने के लिए एक शख्स नागा युवा वाईएस माशूगमी ने  तिरंगा लेकर पैदल यात्रा की है लेकिन KBRN के संगठन के कुछ उग्रवादियों ने शख्स को बहुत ही बुरे तरीके से मारा। शख्स ने नागालैंड के वाणिज्यिक केंद्र दीमापुर से हेब्रोन दूर है। बताया जा रहा है कि NSCN (IM) के कैडरों ने अपने शांति मार्च के दौरान माशुंगमी पर कब्जा कर लिया और उसे हेब्रोन ले गए थे। इस तरह से नागा की शांति में भंग हो रही है।