कोन्याक नागरिक समाज संगठनों (Konyak civil society organizations) ने कहा कि 4 दिसंबर की घटना के बचे लोगों और परिवार के सदस्यों सहित सभी 14 पीड़ितों को न्याय मिलने तक सरकार की ओर से मुआवजा स्वीकार नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार (Central govt.) और राज्य सरकार ने पहले चार दिसंबर को सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी के बाद मारे गए और घायल नागरिकों के परिजनों को कुल 16 लाख रुपये और 1.5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी।
कोन्याक यूनियन, ओटिंग विलेज काउंसिल (Oting Village Council), कोन्याक स्टूडेंट्स यूनियन, कोन्याक न्युपुह शेको खुंग और अन्य नेताओं सहित सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन (CSO) ने अलग-अलग मीडिया से कहा कि फायरिंग की घटना में शामिल सभी सुरक्षा कर्मियों को तुरंत दंडित किया जाना चाहिए।
बता दें कि उन्होंने सशस्त्र बल (विशेष शक्ति) अधिनियम, 1958 (AFSPA) को तत्काल निरस्त करने की भी मांग की। अलग-अलग बयानों में, नागरिक समाज संगठनों ने पीड़ितों के संबंध में एक पत्थर का खंभा खड़ा करने के लिए एक साइट आवंटित करने की भी मांग की है।