नागालैंड के मोनी जिले के हत्याकांड (Nagaland killings) ने देश को हिलाकर रख दिया था। सुरक्षा बल ने अपने बल के 13 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था इस मामले में पीड़ितों के परिवार वालों से नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।


जानकारी दे दें कि 4 दिसंबर 2021 को उग्रवाद विरोधी अभियान में 21 अर्ध विशेष बलों के कमांडो ने कम से कम 13 नागरिकों को मार गिराया था। ये नागरिक मजदूरी कर घर को लौट रहे थे तब बल ने इनको उग्र समझकर अंधाधुंध गोलिया बरसा दी थी।
मुख्यमंत्री नेफियू रियो (Neiphiu Rio) ने कहा कि "हमें यकीन है कि परिवारों को न्याय मिलेगा।" उन्होंने कहा: "हम परिवार के सदस्यों के दर्द को कम करने के लिए हर उपाय कर रहे हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।"

उल्लेखनीय है कि 5 दिसंबर को, असम राइफल्स के कर्मियों द्वारा अपने बेस पर प्रदर्शनकारियों की गुस्साई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मोन पर गोलियां (Nagaland killings) चलाने के बाद एक और नागरिक की जान चली गई। पिछले साल 4 दिसंबर को नागालैंड में सुरक्षा बलों द्वारा की गई हत्याओं ने 'कठोर' AFSPA को निरस्त करने की मांग को फिर से प्रज्वलित कर दिया है।
ध्यान दें कि AFSPA को निरस्त करने की मांग पर आज असम कांग्रेस (Congress) नेता अंगकिता दत्ता ने विरोध किया है। कीर्ति कमल बोरा को भी पुलिस ने उग्र समझ कर गोली मार कर घायल कर दिया था।