अंतर मंत्रालय केंद्रीय दल (आईएमसीटी) नागालैंड की राजधानी कोहिमा और दो जिलों में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए शुक्रवार को यहां पहुंचा। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के निदेशक सुधीर कुमार के नेतृत्व में दल ने शुक्रवार को पेरेन जिले के जालुकी और ओखा जिले के वोखा का दौरा किया था। 

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सूत्रों ने बताया कि इस दल में अवर सचिव खाद्य और सार्वजनिक वितरण राम चंद्र और सहायक निदेशक, एमएनसीएफ, मंहगाई भत्ता (डीए) और परिवार कल्याण (एफडब्ल्यू) प्रदीप कुमार शामिल हैं। केन्द्रीय प्रतिनिधिमंडल ने यहां उपायुक्त (डीसी) कार्यालय में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) और इससे संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। केंद्रीय दल ने बताया कि दौरे का उद्देश्य नागालैंड में सूखे की स्थिति का आकलन करना था। 

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फिलहाल, दल ने कृषि और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग से अनुरोध किया कि वह कोहिमा में सूखे जैसी स्थितियों से निपटने के लिए मानसून से पहले एक कार्य योजना विकसित करें, ताकि किसानों की समय पर मदद दी जा सके और उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े। दल ने विभाग से पूरे वर्ष कोहिमा शहर के अलावा सभी ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों के लिए पानी के संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया और पशुपालन विभाग से राज्य में सूखे और महामारी की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का भी आग्रह किया था। राज्य में डीडीएमए ने सूखा आपदा जैसी स्थितियों पर और साल 2021 के दौरान किए गए सूखा शमन उपायों का मूल्यांकन किया। सूत्रों ने बताया कि पीएचई विभाग ने कोहिमा शहर में पानी की कमी से निपटने की भी योजना बनाई।