नागलैंड की राजनीति में एक बड़ा उटफेर देखने को मिला है। जहां के विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने सत्तारूढ पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलांयस में शामिल होने जा रहा है। एनपीएफ विधायक दल के प्रवक्ता इमकोंग एल. इमचेन ने कहा कि पार्टी विधायकों ने सोमवार शाम को मैराथन बैठक की और विपक्ष रहित सरकार की अवधारणा का समर्थन करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। 

इमचेन ने कहा कि हमने एक प्रस्ताव पारित किया है और नगा राजनीतिक समाधान के हित में आवश्यक विचार के लिए मुख्यमंत्री को इसका समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि नगा मुद्दे को हल करने के लिए राज्य में राजनीतिक दल एक ही पृष्ठ पर थे, जिसके लिए भारत सरकार और विभिन्न नागा सशस्त्र समूह राजनीतिक बातचीत में लगे हुए थे। 

हालांकि नागालैंड के सांसद शांति वार्ता में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, लेकिन बाद के वर्षों में निर्वाचित सदस्यों ने यह तर्क दिया है कि वे भारत-नागा मुद्दे के समाधान में सहायक भूमिका निभाएंगे। एनपीएफ के वरिष्ठ विधायक ने बताया कि शांति वार्ता एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंचने के साथ, पार्टी ने महसूस किया कि सांसदों के लिए अपने-अपने राजनीतिक दल की रेखाओं को पार करते हुए एक समान मंच पर एक साथ आना आवश्यक है।

नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (एनएससीएन-आईएम) के इसाक-मुइवा गुट ने 1997 में भारत सरकार के साथ युद्धविराम समझौता किया और तब से दोनों राजनीतिक बातचीत कर रहे हैं, जबकि सात अलग-अलग नगा राष्ट्रीय राजनीतिक समूहों (एनएनपीजी) के ग्रुप ने भी 2017 से केंद्र के साथ अलग-अलग बातचीत की।