भागलपुर/कोहिमा। नागालैंड के चांगटोंग्या लेंगलेग में एक सड़क निर्माण कंपनी में काम करने वाले आशीष कुमार उग्रवादियों के चंगुल फंस गए थे। लेकिन वे उग्रवादियों के चुंगल से निकल भागने में सफल रहे लेकिन उसके बुरे दिन अभी खत्म नहीं हुए थे। 28 मार्च 2022 को वह नागालैंड से जान बचाकर भागलपुर पहुंच कंपनी पदाधिकारियों को फोन कर यह कह दिया कि वह अब कंपनी में काम नहीं करेगा तो कंपनी अधिकारी उसे धमकी दे उसकी परेशानी बढ़ा दी।

यह भी पढ़ें- केंद्र ने पांच राज्यों के लिए खोला खजाना, अतिरिक्त सहायता की मंजूरी

दरअसल मामला यह हुआ कि जब वह वहां से भाग कर जब तिलकामांझी थाना क्षेत्र के मुंदीचक राधा देवी लेन दुर्गा स्थान रोड स्थित घर पहुंचा तो मां-बाप ने कहा कि बेटा अब वहां जाना ही नहीं है। उनकी सहमति पर कंपनी के डिप्टी मैनेजर नरेश कुमार और मैकेनिकल इंचार्ज सूर्य नारायण से बात की। उन्हें कहा कि अब वह वहां काम नहीं करेगा। इस बार तो किसी तरह जान बच गई। इस पर नाराज दोनों अधिकारियों ने कहा कि तुम वापस लौट आओ और काम करो। आशीष ने कहा कि उसे अब वहां नहीं जाना है, उसका हिसाब-किताब कर दें। इसपर दोनों अधिकारियों ने धमकी दी कि यहां आकर काम करने पर ही उसे बकाया रकम भी मिलेगी।

यह भी पढ़ें- श्रेयस अय्यर ने वानखेड़े स्टेडियम की पिच के लिए बोल दी ऐसी बात , KKR प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर

आशीष ने उन्हें कहा कि अब वह नागालैंड के जंगल क्षेत्र में काम नहीं करेगा। उसकी जान चली जाएगी, इसपर दोनों अधिकारियों ने कहा कि कंपनी उसका कोई बकाया हिसाब-किताब नहीं करेगी। कंपनी से उलझने पर केस में फंसा दिया जाएगा। आशीष ने बताया कि उसका करीब 60 हजार रुपए कंपनी पर बकाया है। इसके बाद आशीष ने तिलकामांझी थाने में इस पूरे मामले की जानकारी दी। इस लिखित जानकारी में उन्होंने कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है। पुलिस मामले की छानबीन शुरू कर दी है।