नागालैंड में गोलीबारी (Firing in Nagaland) की घटना के बाद पीड़ितों के परिवारों से मिलने जा रहे कांग्रेस (congress) के एक प्रतिनिधिमंडल को असम के जोरहाट एयरपोर्ट (Assam Jorhat Airport) पर रोक दिया गया है। हवाई अड्डे पर रोके जाने से नाराज कांग्रेस के नेता एयरपोर्ट के मेन गेट के सामने धरने पर बैठ गए हैं। वहीं, जोरहाट डीएम के आदेश के अनुसार प्रतिनिधिमंडल को धारा 144 सीआरपीसी के तहत एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया है।

नागालैंड में गोलीबारी की घटना के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नागरिकों की मौत पर एक सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट देने के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया था। चार सदस्यीय टीम में सांसद गौरव गोगोई के अलावा, पार्टी के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह, अजय कुमार और एंटो एंटनी शामिल हैं। मंगलवार को बताया गया था कि यह टीम शनिवार को पीड़ित परिवारों से मिलेगी और बातचीत के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करेगी जिसे पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष को सौंपा जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने नगालैंड में सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में 14 लोगों की मौत की घटना पर खेद प्रकट करते हुए सोमवार को कहा कि इसकी विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है तथा सभी एजेंसियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में ऐसे किसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो।