बुलंदशहर जिले के कंबल, दरी, चादर आदि का काम करने वाले लगभग 35 लोग असम और नागालैंड में फंसे हुए हैं। लॉकडाउन के चलते अब रुपया पैसा खत्म हो चुका है। आर्थिक तंगी के चलते भूखों मरने की नौबत आ गई है।


परिजनों ने डीएम को पत्र देकर उन्हें वापस बुलाने की गुहार लगाई है। तहसील अनूपशहर के गांव ककरई निवासी शीशपाल शर्मा पुत्र मनोहर शर्मा ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि जिले से लगभग 35 लोग असम-नागालैंड में फंसे हुए हैं।


उन्होंने बताया कि गांव ककरई के 14 लोगों में से कुछ उनके परिवार के हैं। इसके अलावा स्याना, डिबाई, खुर्जा और जिला मुख्यालय के मोहल्ला साठा के भी लोग वहां फंसे हैं। ये लोग दरी, कंबर, चादर आदि का काम करते हैं।


लगभग चार माह पूर्व सभी लोग अपने कारोबार के सिलसिले में वहां गए थे। लॉकडाउन के चलते वहां फंसे हुए हैं। फोन पर हुई वार्ता के अनुसार अब उनके पास रुपया पैसा भी खत्म हो गया है। परिजनों ने डीएम से उन्हें सरकारी खर्च पर वापस बुलाने की मांग की है।