म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से देश में हालात ठीक नहीं है। सेना के क्रूर अत्याचारों के खौफ से म्यांमार वासियों ने भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम मे शरण ली है। हाल ही में 2,000 से अधिक लोग 5 जनवरी से अब तक मिजोरम में प्रवेश कर चुके हैं। इससे पहले 50,000 से अधिक म्यांमार वासियों ने मिजोरम में शरण ली है।

रिपोर्ट के मुताबिक मिजोरम पहुंचने वालों में चार लोगों के छर्रे लगे थे। चार लोगों को आइजोल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां एक की मौत हो गई। उसके पार्थिव शरीर को सीमा पार वापस म्यांमार ले जाना पड़ा।

म्यांमार (Myanmar) में चिन राज्य जून्टा के सशस्त्र प्रतिरोध में सबसे आगे रहा है और इसलिए, म्यांमार सेना के प्रकोप का खामियाजा भुगतना पड़ा है। चिन नेशनल आर्मी द्वारा समर्थित और प्रशिक्षित चिन डिफेंस फोर्स (CDF) नामक लोकतंत्र समर्थक नागरिक प्रतिरोध समूह के बीच हुए संघर्ष के दौरान पिछले जुलाई-अगस्त में चिन राज्य से कम से कम 15,000 लोग मिजोरम में आए।



मिजोरम (Mizoram) चिन (Chin) राज्य में म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर की सीमा साझा करता है, और सामान्य जाति के लोग सीमा के दोनों किनारों पर रहते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चिन राज्‍य के सभी गांवों को जला दिया गया है, और अधिक सैनिक लगातार पहुंच रहे हैं, जिससे नए आक्रमण की आशंका बढ़ रही है।