उत्तर-पूर्व का राज्य मिजोरम (mizoram) कोरोना वायरसस (corona virus) का हॉटस्पॉट (hotspot) बनता जा रहा है। यहां एक लाख से अधिक कोविड-19 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। मिजोरम में बुधवार को 1471 लोग संक्रमित पाए गए हैं। यह मौजूदा समय में कोरोना से सबसे ज्यादा का आकलन करगी।

नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की सलाहकार-महामारी विशेषज्ञ डॉ विनीता गुप्ता के नेतृत्व में टीम गुरुवार को भारत-म्यांमार सीमा से लगे चंफाई जिले का भी दौरा करेगी, जहां पड़ोसी देश के हजारों शरणार्थी इस समय रह रहे हैं। बीते दिन मंगलवार को राज्य की राजधानी आइजोल में केंद्र की टीम के आगमन के तुरंत बाद, इसके सदस्यों ने राज्य एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के अधिकारियों , आइजोल पूर्व और आइजोल पश्चिम के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) के साथ बैठक की और स्थिति से निपटने के तरीकों पर चर्चा की।

बताया गया है टीम ने राज्य भर में बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा के लिए बुधवार को विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ एक और डिजिटल बैठक की है। पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के चलते चार मरीजों की मौत हो गई है, जिसके बाद कुल मौतों की संख्या बढ़कर 335 हो गई। बताया गया है कि अबतक कोविड-19 से 1,01,327 लोग संक्रमित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने मंगलवार की तुलना में बुधवार को 210 मामले कम आए हैं। एक दिन में पॉजिटिविटी रेट 18 प्रतिशत से घटकर 15.36 प्रतिशत रह गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मिजोरम में अभी 16,005 सक्रिय मामले हैं, जबकि 84,987 लोग अब तक बीमारी से ठीक हो चुके हैं। इस समय रकवरी रेट 83.87 फीसदी और मृत्यु दर 0.33 प्रतिशत है। प्रशासन ने अब तक 11.40 लाख से अधिक सैंपलों को टेस्ट किया है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ लालजावमी ने कहा कि अब तक 6.83 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है, जिनमें से 4.55 लाख लोगों को दोनों खुराकें मिल चुकी हैं। आइजोल में अब तक सबसे अधिक 64,589 कोरोना के मामले दर्ज किए गए हैं, इसके बाद लुंगलेई (7,577) और कोलासिब (7,177) मामले सामने आ चुके हैं। राज्य के 11 जिलों में से ख्वाजावल ने अब तक कोरोना का कोई भी केस सामने नहीं आया है।

विशेषज्ञ दल ने राज्य में कोविड-19 देखभाल सुविधाओं को मजबूत करने और सभी जिला अस्पतालों में एक समर्पित विंग की स्थापना की भी सिफारिश की है। मिजोरम में वर्तमान में सिर्फ एक कोविड-19 अस्पताल है, जिसका नाम जोरम मेडिकल कॉलेज (जेडएमसी) है। इस अस्पताल में आईसीयू के 34 सहित 341 बेड हैं और लगभग 18 समर्पित स्वास्थ्य केंद्र (डीसीएचसी) हैं। राज्य में केवल एक RT-PCR लैब है जो ZMC में ही है। फेस मास्क और सैनिटाइजर के उपयोग के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए दस दिवसीय अभियान 11 अक्टूबर से आयोजित होने की संभावना है।