पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में ओमिक्रॉन की दस्तक हो गई है। ऐसी अफवाह से राज्य में सनसनी फैल गई है। जिसके बाद राज्य के आईडीएसपी के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. पचुआउ लालमालसावमा को आगे आकर मंगलवार को इन अफवाहों का खंडन किया करना पड़ा। 

मंगलवार को एक बयान में डॉ. पचुआउ ने कहा कि हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आइजोल के एक इलाके में ओमिक्रॉन मामले का पता चलने के बारे में फर्जी खबरें प्रसारित की गई हैं। उन्होंने कहा, 'यह खबर निराधार है और मिजोरम में अब तक कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है।' 

आगे उन्होंने जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स को 10 जनवरी को जीनोम अनुक्रमण के लिए 95 नमूने भेजे गए थे जिसका रिपोर्ट अभी नहीं आया है। उन्होंने कहा, 'उस इलाके से जीनोम अनुक्रमण के लिए कोई नमूना नहीं भेजा गया था, जहां ओमिक्रॉन मामले को फर्जी बताया गया था।'

बता दें कि मिजोरम में मंगलवार को कोरोना के 1,280 सामने आए। जिसके बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या 1,53,758 हो गई। वहीं कम से कम 1,169 लोग संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। अब राज्य में ठीक होने वालों की संख्या 1,45,485 हो चुकी है। 

वहीं कोरोना रोगियों में ठीक होने की दर 94.61 प्रतिशत और मृत्यु दर 0.37 प्रतिशत है। साथ ही राज्य में मरने वालों की संख्या 573 पर बनी हुई है, क्योंकि मंगलवार को रात 8 बजे तक किसी की मौत नहीं हुई है। राज्य में अब 7,701 सक्रिय मामले हैं।