मिजोरम (Mizoram) के दो सबसे बड़े दिग्गज लोगों को पद्मश्री से नवाजा गया है। भारत के सबसे पुराने कामकाजी पत्रकार और युद्ध के दिग्गज लालबीकथांगा पचुआउ (oldest journalist Pachuau) और साहित्यकार सी. कमलोवा (litterateur C. Kamlova) ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह के दौरान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पुरस्कार प्राप्त किया।

पचुआउ और कमलोवा 2020 में पद्म पुरस्कार (Padma Award) के लिए चुने गए 141 लोगों में शामिल थे। पचुआउ ने साहित्य और शिक्षा-पत्रकारिता में जहां अवार्ड प्राप्त किया, वहीं सी. कमलोवा ने साहित्य और शिक्षा वर्ग में पद्म पुरस्कार (Padma Award) प्राप्त किया।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। देश के सबसे उम्रदराज कामकाजी पत्रकार के तौर पर पहचाने जाने वाले पचुआउ द्वितीय विश्वयुद्ध के दिग्गज और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं।
पचुआउ ने कहा कि “मैं पद्म श्री से सम्मानित होने पर खुश हूं। मैंने अपने जीवन में इस तरह के पुरस्कार की कभी उम्मीद नहीं की थी। मैं इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए केंद्र, मेरे पत्रकार सहयोगियों और शुभचिंतकों का गहरा ऋणी हूं "।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी समारोह के दौरान पुरस्कार जीतने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी है। पाचुआउ (Pachuau) ने कहा कि उन्हें पत्रकारिता का शौक तब से है जब वे 1950 के दशक में सेना में थे। उन्होंने कहा कि वह तब तक इस पेशे को जारी रखेंगे जब तक वह काम नहीं कर सकते।