मिजोरम के मारा स्वायत्त जिला परिषद (एमएडीसी) चुनाव में 42,342 मतदाताओं में से 85 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सियाहा जिले के उपायुक्त लालसांगलियाना ने कहा कि सभी 25 सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि अंतिम आंकड़ों के अनुसार कुल 85.30 प्रतिशत लोगों ने वोटिंग की। उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना नहीं है, हालांकि हमें क्रॉस-चेक के बाद अंतिम डेटा जारी करना बाकी है। मतों की गिनती नौ मई को होगी।

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परिषद चुनाव के लिए पांच निर्दलीय समेत कुल 85 उम्मीदवार मैदान में थे। एमएनएफ ने 25 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भाजपा ने 24 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस और जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने चुनाव लड़ने के लिए क्रमशः 23 और आठ लोगों को नामित किया। बता दें कि मई 2017 में हुए परिषद चुनावों में कांग्रेस ने 17 सीटों पर जीत हासिल की थी। एमएनएफ और मारा डेमोक्रेटिक फ्रंट (एमडीएफ) गठबंधन ने सात सीटें हासिल कीं, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित किया गया।

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अक्टूबर 2017 में एमडीएफ का भाजपा में विलय हो गया। 25 सदस्यीय परिषद में अब भाजपा के 17 सदस्य हैं, जबकि एमएनएफ के छह और कांग्रेस के दो सदस्य हैं। एमएडीसी 1972 में जातीय मारा जनजाति के लिए संविधान की छठी अनुसूची के तहत गठित मिजोरम में तीन एडीसी में से एक है। अन्य दो लाई ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल और चकमा ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल हैं, दोनों मिजोरम के सबसे दक्षिणी लावंगतलाई जिले में स्थित हैं।