एक ही राशन कार्ड से पूरे देश में सरकारी राशन बेचने की दिशा में कल एक और कदम बढ़ जाएगा। कल से वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में तीन और राज्य जुड़ जाएंगे। इनमें ओडिशा, सिक्किम और मिजोरम शामिल हैं। इसके साथ ही उन राज्यों की संख्या 20 हो जाएगी जहां ये योजना लागू हो चुकी है। वहीं 1 अगस्त से इस योजना में तीन और राज्य भी जुड़ जाएंगे। उत्तराखंड, नागालैंड और मणिपुर वो राज्य हैं। इन राज्यों के जुड़ने के बाद उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कुल संख्या 23 हो जाएगी जहां ये योजना लागू है। बिहार, यूपी, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य पहले ही योजना से जुड़ चुके हैं।

केंद्र सरकार ने मार्च 2021 तक इस योजना को पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज के ऐलान के वक़्त इसका ज़िक्र किया है। ऐसे में 1 अगस्त के बाद 13 ऐसे राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बचे रह जाएंगे जहां योजना लागू होना बाक़ी रह जाएगा। उनमें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु , असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। खाद्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक़ इन राज्यों को योजना लागू करने के लिए ज़रूरी क़दम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है।

योजना की शुरुआत पिछले साल 9 अगस्त से हुई थी। सबसे पहले चार राज्यों में योजना लागू की गई। जिन राज्यों में योजना की शुरुआत हुई उनमें महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना शामिल थे। उस समय योजना को राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी का नाम दिया गया था। अभी ये योजना जिन राज्यों में ये लागू हो चुकी है उन राज्यों के लाभार्थी उन राज्यों में कहीं से भी राशन लजे सकते हैं। वैसे इस योजना का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड का आधार कार्ड से जुड़ा होना ज़रूरी होता है।अगर राशन कार्ड आधार कार्ड से नहीं जुड़ा है तो केवल पहले से निर्धारित दुकान से ही राशन ख़रीद सकते हैं।