नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में ईदगाह मैदान में करीब दो माह तक धरना-प्रदर्शन चला था। इसमें प्रदर्शन में 22 फरवरी को यूपी और मिजोरम के राज्यपाल रह चुके अजीज कुरैशी भी शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने धरने को संबोधित भी किया। पुलिस ने उनके बयान को आपत्तिजनक मानते हुए उनके साथ ही कुल 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

अब इस मामले में पुलिस ने पूर्व राज्यपाल को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। गलशहीद थाना प्रभारी अजयपाल सिंह ने बताया कि पूर्व राज्यपाल समेत 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इसी मामले में उन्हें नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। इस मामले में उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया है। गौरतलब है कि पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश और मिजोरम के भी राज्यपाल रह चुके हैं। नागरिकता संशोधन कानून का उन्होंने खुलकर विरोध किया था, इस दौरान उनके खिलाफ मुरादाबाद के साथ ही लखनऊ में भी मुकदमा दर्ज किया गया था। थाना प्रभारी ने बताया कि उन्हें बुलाने के लिए उत्तराखंड स्थित देहरादून आवास में नोटिस भेजा गया है।सीएए के विरोध में पूरे मंडल में आवाज बुलंद हुई थी। रामपुर में तो बड़ा बवाल हो गया था। मामले में काफी लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में अभी तक आरोपितों को पकड़ने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में अमरोहा, सम्‍भल में भी विरोध में आवाजें उठीं थीं। मुरादाबाद के भी कई हिस्सों में धरना प्रदर्शन किया गया था। कई बार तो व्‍यवस्‍था बनाने में की पुलिस के पसीने छूट गए थे। कई जगहों पर धरना प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं के आपत्तिजनक बयान भी सामने आए थे। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।