रूस-यूक्रेन के साथ ही अब भारत के पड़ोसी देश म्यांमार की सेना ने भी जबरदस्त लड़ाई छेड़ दी है। हालांकि यह लड़ाई किसी देश नहीं बल्कि वहा मौजूद हथियारबंद समूह चिन नेशनल डिफेंस फोर्स (CNDF) के खिलाफ है। इसके चलते म्यांमार के हजारों लोग मिजोरम में शरण लेने के लिए पहुंचे हैं और यह सिलसिला अभी तक जारी है। 

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मिजोरम की ज़ोखावथार ग्राम परिषद के प्रमुख लालमुआनपुइया के मुताबिक म्यांमार की सेना ने सीएनडीएफ के सदस्यों के खिलाफ शनिवार सुबह करीब चार बजे आक्रामक अभियान शुरू किया है जो तुईवाई पुल के पास आव्रजन जांच चौकी पर थे। ज़ोखावथार और खावमावी, तुईवाई नदी से अलग होते हैं जो भारत-म्यांमार सीमा पर बहती है।

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लालमुआनपुइया ने कहा कि खावमावी गांव की पूरी आबादी भागकर जोखावथारी आ गई है। खावमावी गांव की आबादी करीब छह हजार है। उन्होंने कहा कि म्यांमा के करीब 10 हजार नागरिक अब जोखावथारी में शरण लिए हुए हैं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, म्यांमार में पिछले साल एक फरवरी को सैन्य तख्तापलट के बाद पड़ोसी देश के 26,663 नागरिक मिजोरम में शरण ले चुके हैं। पूर्वोत्तर राज्य की म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है।