असम के सिलचर के सांसद डॉ राजदीप रॉय ने मिजोरम में कथित तौर पर मारे गए दो भाइयों की रहस्यमयी मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। लोकसभा में यह मुद्दा उठाते हुए MP Dr. Rajdeep Roy ने कहा कि मिजोरम में तेल टैंकर चालक प्रवीण सिंह और उसके सहायक निपेन सिंह की निर्मम हत्या कर दी गई।


आइजोल से लौट रहे प्रवीण को Mizo goons के एक गिरोह ने सड़क किनारे ढाबे में पीट-पीट कर मार डाला। अपने भाई के साथ जा रहे निपेन को Mizo police ने इस आरोप में गिरफ्तार किया था कि उसने वास्तव में प्रवीण की हत्या की थी। मिजो पुलिस ने उसे आइजोल जेल भेज दिया जहां कुछ दिनों बाद वह मृत पाया गया।
आइजोल जेल के अधिकारियों ने फोन पर Dholai police को सूचित किया कि निपेन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अगले दिन उनका शव कछार प्रशासन को सौंप दिया गया। सिंह बंधु धोलाई के रामप्रसादपुर गांव के रहने वाले थे। ग्रामीणों ने शुरू में नृपेन के शव को लेने से इनकार कर दिया और न्याय की मांग की। हालांकि, जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद, उन्हें शव प्राप्त हुआ।MP Rajdeep Roy ने लोकसभा में आरोप लगाया कि स्थानीय गुंडों द्वारा अपने भाई की हत्या के बाद मिज़ो द्वारा निपेन को एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया था। रॉय ने दोहरे हत्याकांड की CBI जांच की मांग की, जिसने ढोलई में तनाव पैदा कर दिया था, जिसकी सीमा मिजोरम से लगती है।
इस बीच, TMC की राज्यसभा MP Sushmita Dev ने मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma से हस्तक्षेप की मांग की है और उनसे मामले की उच्च स्तरीय जांच की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। सिलचर के पूर्व सांसद देव ने इस बात पर चिंता जताई कि पुलिस हिरासत में कोई व्यक्ति फांसी कैसे लगा सकता है। उसने यह भी दावा किया कि दोनों मामले पूर्व नियोजित थे।