कोरोना महामारी के दौर में राज्य सरकार जहां अधिक राजस्व अर्जित करने के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में बढ़ोत्तरी कर रही है, वहीं मिजोरम सरकार ने बहुत ही चौंकाने वाला निर्णय किया है। दरअसल, मिजोरम सरकार ने राज्य में पेट्रोल-डीजल भरवाने की सीमा निर्धारित कर दी है। इसके बाद अब वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर अपने वाहनों में मनमर्जी से ईंधर नहीं भरवा सकेंगे। उन्हें निर्धारित मात्रा में ही ईंधन मिलेगा।

सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश के तहत अब राज्य में स्कूटर चालक प्रतिदिन तीन लीटर, अन्य दुपहिया वाहन चालक पांच लीटर, हल्के मोटर वाहन (LMV) यानी कार में 10 लीटर और मैक्सी कैब्स, मिनी ट्रक, जिप्सी में 20 लीटर पेट्रोल-डीजल भरवाया जा सकेगा। इसी तरह ट्रक और बस में प्रतिदिन 100 लीटर ईंधन भरवाया जा सकेगा। इसके अलावा पेट्रोल पंपों पर खुले में तेल बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

वाहनों में पेट्रोल-डीजल भरवाने की सीमा निर्धारित करने के साथ सरकार ने कुछ वाहनों को इस बाध्यता से छूट भी दी है। सरकार के अनुसार चावल और अन्य खाने पीने की चीज़ों के परिवहन में लगे वाहनों को टैंक फुल कराने की इजाजत दी गई है। इसी तरह आवश्यक सेवा और सरकारी वाहनों में भी आवश्यकता के अनुसार ईंधन भरवाया जा सकेगा। पेट्रोल पंपों पर आदेशों का उल्लंघन किए जाने पर संचालक के कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण कई जगहों में अभी भी लॉकडाउन लगा हुआ है। इसके कारण पेट्रोल-डीजल के टैंक समय पर राज्य में नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिसकी वजह से राज्य में पेट्रोल-डीज़ल की भारी कमी आ गई है। बिगड़ते हालातों को देखते हुए सरकार ने फ्यूल राशनिंग का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद मिजोरम की राजधानी आइजोल में पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लग गई है।