मिजोरम में रहने वाले छात्रों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। मिजोरम सरकार ने मंगलवार को घोषणा की है कि जो छात्र सिविल और अन्य केंद्रीय सेवाओं में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए सरकार कोचिंग खर्च सहित पूरा स्पॉन्सरशिप करेगी। अधिकारियों ने कहा कि एक बैठक में मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा की अध्यक्षता में राज्य सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षाओं की तैयारी के लिए उम्मीदवारों की सुविधा के लिए दिल्ली में प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के साथ काम करने का फैसला किया। बैठक में शिक्षा, श्रम रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता, योजना और वित्त, और मिजोरम युवा आयोग (MYC) जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

अधिकारियों ने कहा कि होनहार छात्रों को पूरी  स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी, जो IAS बनने की ख्वाहिश रखते हैं, दिल्ली में कोचिंग क्लासेस में भाग लेने के अलावा अपने खर्चों को पूरा करने के अलावा प्रीलिम्स और मेन एग्जाम क्लियर करने के लिए नकद प्रोत्साहन दिया जाएगा। जो छात्र स्कॉलरशिप के लिए योग्य हैं, उनके लिए राज्य सरकार एलिजिबल उम्मीदवारों के लिए एक एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि आवेदन करने के लिए क्राइटेरिया जल्द ही घोषित किया जाएगा।

आपको बता दें, केंद्रीय सेवाओं में शामिल होने वाले मिजोरम के युवाओं की संख्या धीरे-धीरे घट रही है और इस संबंध में सरकार बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है। सरकार ने कहा,  छात्रों को प्रेरित करने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि अन्य राज्यों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा ने कहा कि उनकी सरकार छात्रों की सहायता के लिए हर संभव कदम उठा रही है। मिज़ोरम सरकार मिज़ो यूथ कमीशन (MYC) के माध्यम से छात्रों को कमर्शियल बैंक और कॉरपोरेट्स में शामिल होने में मदद करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है। MYC, UPSC, SSC, NDA और राज्य सेवाओं सहित विभिन्न परीक्षाओं को पास करने वाले छात्रों को 50,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का नकद प्रोत्साहन देता है।

बता दें, राज्य से Lalrindiki Pachuau लास्ट ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की थी, उनकी पोस्टिंग तमिलनाडु में हुई है। हैरानी वाली बात ये है कि मिजोरम के केवल पांच व्यक्तियों ने 2000 के बाद से यूपीएससी परीक्षा को पास किया है।