गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मिजोरम सरकार ने मिजोरम राज्य में विलय के लिए असम के करीमगंज जिले की सिंगला घाटी और लंगकैह या लोंगई घाटी में जातीय मिजो समुदायों की याचिका का समर्थन किया है। अधिकारी ने कहा कि राज्य के गृह मंत्री लालचमलियाना ने हाल ही में राज्य विधानसभा को इसकी जानकारी दी थी।


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लालचमलियाना ने राज्य विधायिका को बताया कि सिंगला और लंगकैह घाटी के जो स्वदेशी लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले 'थंग्राम इंडिजिनस पीपुल्स मूवमेंट' (TIPM) ने पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें मिजोरम में विलय की इच्छा व्यक्त की गई थी।

उन्होंने कहा, "इस मामले पर मिजोरम सरकार की राय मांगने वाले पत्र अभी तक केंद्र या असम सरकार से प्राप्त नहीं हुए हैं।" गृह मंत्री ने कहा था कि मिजोरम सरकार ने मिजोरम के साथ सिंगला और लोंगई घाटी में जातीय मिजो के कब्जे वाले क्षेत्रों को मिलाने के लिए TIPM की पहल का स्वागत और समर्थन किया है।
उन्होंने कहा था कि TIPM की मांगों को सीमा मुद्दों पर मिजोरम के दृष्टिकोण पत्र में शामिल किया गया था, जब भी वे राज्य का दौरा करते हैं, मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान (MP-IDSA) की टीम को प्रस्तुत किए जाते हैं। MP-IDSA का गठन केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र