मिजोरम की सेरछिप विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान और मतगणना की तारीखें स्थगित की जाएं या नहीं, इस पर निर्वाचन आयोग की ओर से अभी निर्णय लेना बाकी है। मुख्यमंत्री जोरामथांगा, चर्च और विपक्षी दल इसकी मांग कर रहे हैं क्योंकि इसके लिए निर्धारित दोनों ही तारीखें ईसाइयों के लिए महत्वपूर्ण हैं। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

ईसाई बहुल राज्य में सेरछिप निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव 17 अप्रैल (शनिवार) को होना है और मतगणना दो मई (रविवार) को होगी। यह दोनों ही दिन ईसाइयों के लिए धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। मिजोरम के संयुक्त चुनाव अधिकारी डेविड एल. पचुआउ ने कहा, “निर्वाचन आयोग को मतदान और मतगणना की तारीखों को आगे बढ़ाने की अपील पर फैसला लेना अभी बाकी है।”

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से सेरछिप विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख आगे बढ़ाने की बात कही थी। फिलहाल मिजोरम की इस सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिसमें पांच उम्मीदवार राजनीतिक दलों से और एक निर्दलीय उम्मीदवार शामिल है।

वहीं उपचुनाव से पहले कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सेरछिप सीट पर तीन मुख्य पार्टियों की टक्कर देखने को मिलेगी। जिसमें सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट, मुख्य विपक्षी जोराम पीपुल्स मूवमेंट और कांग्रेस शामिल हैं। फिलहाल उपचुनाव में इस सीट से मिजो नेशनल फ्रंट ने वनलालजावमा, जोराम पीपुल्स मूवमेंट ने लालादुहोमा और कांग्रेस ने पीसी लालतलांसांगा को अपना उम्मीदवार बनाया है।