देश इस वक्त कोरोना संकट से जूझ रहा है। इस घड़ी में हर कोई अपनी तरफ से मदद की कोशिश कर रहा है, ताकि इस विपदा के समय को टाला जा सके। इसी कड़ी में भारतीय फुटबॉल टीम के स्ट्राइकर जेजे लालपेखलुआ ने कोविड-19 महामारी से पैदा हुई परिस्थितियों में मिजोरम में जरूरतमंद लोगों को बचाने के लिए खुद रक्तदान करने का फैसला किया है, क्योंकि वहां खून मिलने में काफी दिक्कत हो रही है। 

इस फुटबॉलर ने कहा, लॉकडाउन के कारण 'ब्लड यूनिट्स आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए 'यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) से जुड़े अस्पतालों को मदद की जरूरत है। जब यह खबर मेरे पास पहुंचीं तो मैं जानता था कि मुझे क्या करना है। उन्होंने कहा, आप ऐसी परिस्थितियों में चुप नहीं बैठ सकते हैं। वह तुरंत रक्तदान के लिए मिजोरम के डर्टलैंग के के साईनोड अस्पताल पहुंच गए।

उन्होंने कहा, हमने योजना बनाई। हम वाईएमए के अस्पताल में पहुंचे। हम 33 लोग गए थे, जिनमें से 27 को रक्तदान करने के लिए फिट माना गया। जेजे ने कहा, मैंने बहुत छोटी सी भूमिका अदा की, लेकिन यह काफी संतोषजनक है। मैं भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसने मुझे ऐसा करने की हिम्मत दी।  यह 29 साल का फुटबॉलर पहले भी जरूरत के समय मिजोरम में मदद कर चुका है। लालपेखलुआ ने आखिरी बार पिछले वर्ष एएफसी एशिया कप में खेला था और उन्हें कतर के खिलाफ मुकाबले के लिए राष्ट्रीय शिविर के लिए बुलाया गया था, लेकिन यह मुकाबला स्थगित करना पड़ा था।