म्यांम्यार में सैन्य तख्तापलट (military coup) होने के बाद सेना के क्रूर व्यवहार के खौफ से पड़ोसी भारत देश के मिजोरम (Mizoram) राज्य में शरण ली है। देश के हालात ठीक होने के इंतजार कर रहे हैं म्यांम्यार वासियों को नए साल पर अपने देश की याद सता रही है। कई महीनों से भारत सरकार म्यांम्यार शरणार्थियों (Myanmar refugees) को रहने के लिए घर और खान-पान की व्यवस्था करा रही है।

म्यांम्यार सदस्यीय शरणार्थी (Myanmar refugees) के एक परिवार से बात की जो थंतलांग शहर (Thantlang) से भाग आए थे। उन्होंने कहा कि "मैं जल्द ही म्यांमार वापस जाने के बारे में नहीं सोचती,"। अपने तो अपने होते हैं खुद के घर से सुरक्षित और कोई जन्नत नहीं होती है। नए साल पर इन्होंने अपने देश जाने की एक उम्मीद की है।

जानकारी के लिए बता दें कि म्यांमार (Myanmar) के चिन राज्य में, लगभग 500,000 लोगों की 20 प्रतिशत से अधिक आबादी विस्थापित हो गई है। मिजोरम (Mizoram) में करीब 15,000 लोग पार कर चुके हैं। फ़ार्कन में, कई लोग झोंपड़ियों में रहते हैं, कुछ प्लास्टिक और बांस से बने होते हैं, जो पहाड़ी से चिपके रहते हैं।