पूर्वोत्तर के राज्यों में पिछले आठ साल के दौरान उग्रवाद की घटनाएं 80 फीसदी घट गई हैं, तो हताहत होने वाले सुरक्षाकर्मियों की तादाद में 75 फीसदी और नागरिकों की मौत में 99 फीसदी कमी आई है। गृह मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 के बाद से पूर्वोत्तर में सुरक्षा की स्थिति काफी सुधरी है। 

2020 में दो दशकों में उग्रवाद, नागरिकों व सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने के सबसे कम मामले आए। रिपोर्ट का कहना है, 2019 की तुलना में 2020 में उग्रवाद की घटनाएं करीब 27 फीसदी और नागरिक व सुरक्षा बलों के कर्मियों के हताहतों में लगभग 72 फीसदी गिरावट दर्ज हुई है।

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रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में आतंकरोधी अभियानों में सुरक्षाबलों ने 21 विद्रोहियों को मार गिराया। 646 विद्रोहियों की गिरफ्तारी हुई और 305 हथियार बरामद किए गए। पूर्वोत्तर के विद्रोही समूहों के 2,644 सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में शामिल हुए। मिजोरम, सिक्किम व त्रिपुरा शांतिपूर्ण रहे, तो अन्य राज्यों में सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

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2019 की तुलना में 2020 में, अरुणाचल प्रदेश में उग्रवाद संबंधी हिंसा में 42 फीसदी, असम में 12 फीसदी, मणिपुर में 23 फीसदी और नगालैंड में 45 फीसदी कमी आई।