असम-मिजोरम सीमा विवाद अब अलग ही मोड़ ले रहा है। वैसे तो मिजोरम ने सीमा से अपनी सेना हटा ली है और यहां बीएसएफ सेन तैनात हैं। लेकिन नाकाबंदी अभी भी जारी है। इसी के साथ असम ने अभी भी कोई पहल नहीं की साथ ही आर्थिक नाकाबंदी लागू है। इसी आर्थिक नाकाबंदी को लेकर मिजोरम के कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लाल थनहवला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और आर्थिक नाकेबंदी में अपना हस्तक्षेप करने की मांग की है।


इस पत्र में लाल थनहवला ने पीएम नरेंद्र मोदी से असम के कछार जिले के लैलापुर गांव के स्थानीय लोगों द्वारा शुरू की गई आर्थिक नाकेबंदी में अपना हस्तक्षेप करने की मांग की। मिजोरम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष ने पीएम मोदी को पत्र लिखा। MPCC के अध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा कि असम के कछार जिले में कुछ उपद्रवियों ने मिजोरम के बीच सीमा मुद्दे पर कुछ असहमतियों के कारण मिजोरम को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए एकमात्र सड़क (एनएच -306) को अवरुद्ध करने का सहारा लिया।

लाल थनहवला ने कहा कि मिजोरम की एकमात्र आर्थिक जीवन रेखा के लंबे समय तक अवरुद्ध होने के परिणामस्वरूप, मिजोरम अर्थव्यवस्था अब ठहराव पर है और गरीब लोग, जैसा कि अक्सर ऐसी परिस्थितियों में भविष्यवाणी की जाती है, मिजोरम में कोई भी किसी के साथ सबसे बुरी हिट है, इस नाकाबंदी से जुड़े सभी मामलों में बख्शा नहीं जाता है दैनिक जीवन, अब दुर्भाग्य से COVID-19 महामारी से जुड़ा हुआ है। लाल थनहावला ने कहा कि केंद्र सरकार से असम सरकार को यह सुनिश्चित करने की उम्मीद है। थनहावला ने बताया कि संविधान में दोनों राज्यों के बीच निर्बाध और निर्मल पारगमन है।