मिजोरम के आइजोल में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई। नेशनल सेंटर फार सिस्मोलाजी द्वारा यह जानकारी दी गई है। एनसीएस ने बताया कि 3.7 की तीव्रता का भूकंप 11.12.2021 को 10 किमी की गहराई पर आया। फिलहाल भूकंप के कारण किसी भी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है। इससे पहले भी कोरोना काल में इस राज्य में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

आइजोल में इसी साल अप्रैल में 3.8 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। उससे पहले जून 2020 में भी राज्य के दो जिले आइजोल व चंपाई में भूकंप के झटके महसूस किए गए थेे। उस वक्त आइजोल में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 नापी गई थी। वहीं इससे एक सप्ताह पहले चंपाई जिले से 98 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता 5.0 नापी गई थी।  

भूकंप के झटकों की तीव्रता को मापने के लिए रिक्टर स्केल का मानक इस्तेमाल किया जाता है जो रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहलाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है जो इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। मुख्य तौर पर चार परतों - इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट से बनी पृथ्वी के क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर हिलती रहती हैं और जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है।

भूकंप की तीव्रता का अनुमान इसके एपीसेंटर से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है। यदि भूकंप की गहराई उथली हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है जिससे भयानक तबाही होती है।