पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम (Disability pension in Mizoram) राज्य में विकलांगता पेंशन योजना के तहते लाभार्थियों हर महीने केवल 100 रुपए देता है। राज्य में पंजीकृत 200 लाभार्थी हैं। ये जानकारी राज्यसभा में सरकार ने दी है। वहीं महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश (Disability pension in MP) जैसे बड़े राज्यों में भी हालात बेहतर नहीं हैं, जहां भी पेंशन के रूप में 300 रुपए दिए जाते हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में 12.12 लाख औ मध्यप्रदेश में 4.79 लाख से अधिक लाभार्थी हैं। 

छत्तीसगढ़, ओडिशा और मेघालय (Disability pension in Meghalaya) जैसे राज्यों में राज्य पेंशन की राशि 200 रुपए है। पश्चिम बंगाल (Disability pension in WB) जैसा बड़ा राज्य 66,491 लाभार्थियों को 700 रुपये देता है। उत्तर प्रदेश (Disability pension in in UP) के 11.17 लाख लाभार्थियों को हर महीने 1000 रुपए दिए जाते हैं। तेलंगाना में 5.69 लाख से अधिक लाभार्थी हैं, जिन्हें सर्वाधिक 3016 रुपए की पेंशन दी जाती है। इसके बाद आंध्र प्रदेश (6.59 लाख लाभार्थी) है जो 3,000 रुपये प्रदान करता है। पुडुचेरी के केंद्र शासित प्रदेश (20,952 लाभार्थी) में पेंशन 2,000 रुपए से लेकर अधिकतम 3,800 रुपये तक है।

बता दें कि यह डेटा यह डेटा ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) की ओर से राज्यसभा में राज्य पेंशन योजनाओं के माध्यम से संबंधित लाभार्थियों और उन्हें हर महीने मिलने वाली राशि पर पूछे गए एक सवाल के जवाब पेश किया गया। 2,000 रुपए या उससे अधिक की मासिक पेंशन देने वाले राज्यों में हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली और अंडमान निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। देश भर के लाभार्थियों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना (Indira Gandhi National Disability Pension Scheme) के तहत दी जाने वाली मासिक पेंशन भी केवल 300 रुपए है। राज्य पेंशन डेटा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विकलांगों के अधिकारों के लिए बने राष्ट्रीय मंच (एनपीआरडी) के महासचिव मुरलीधरन ने कहा कि केंद्रीय सहायता एक दशक से अधिक समय से स्थिर है और 300 रुपए में तत्काल संशोधन की आवश्यकता है।