मिजोरम में COVID-19 के केस लगातार बढ़ते ही जा रहे है। पूर्वोत्तर के इस छोटे से खूबसूरत राज्य की हालत कोरोना के चलते खराब होती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस रोग को लेकर चेतावनी का पालन करने में विफलता और त्योहारों के दौरान जांच को छोड़ना राज्य में अभी बढ़ रहे केसों के लिए जिम्मेदार है।

मिजोरम में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ पचुआ लालमलसावमा ने कहा है कि पिछले 2 वर्षों सालों की तुलना में अब आइजोल बुरी तरह प्रभावित बन गया है। कोरोना वायरस अब क्रिसमस और नए साल के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में घुसपैठ कर चुका है। इस यह प्रतीत होता है कि उत्सव के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल व्यापक रूप से तोड़ा गया।आपको बता दें कि पचुआउ COVID-19 के आधिकारिक प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने ने दावा किया है कि क्रिसमस और नए साल के दिनामें सामूहिक  गायन और सामुदायिक कार्यक्रम दूरदराज के समुदायों में आयोजित की जाती थीं और ये ही सामुदायिक प्रसार का प्रमुख कारण बने हैं।पचुआउ ने कहा है कि कई शहरी लोग क्रिसमस और नए साल के लिए अपने गांवों में लौटे हैं जिससें यह रोग लोगों में तेजी सेफैला है।।क्रिसमस और नए साल की शुभकामनाएं देने के लिए सरकार ने स्थानीय चर्चों को छोड़ दिया। इससें छुट्टियों के दौरान पूजा सेवाओं, सामूहिक गायन व अन्य सांप्रदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।इसी ढ़ील की वजह से कस्बों में केवल कुछ चर्चों ने छुट्टियों के दौरान सामूहिक गायन और सांप्रदायिक दावतों की मेजबानी की। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश चर्चों ने भी ऐसा किया।