मिजोरम की विपक्षी कांग्रेस ने  तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य की स्वास्थ्य देखभाल योजना के कार्यान्वयन के संबंध में अपनी टिप्पणी पर मुख्यमंत्री जोरमथांगा से माफी मांगने को कहा है। 

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संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता डॉ लल्लियांचुंगा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने समग्र कर्मचारियों के एक सम्मेलन में कथित तौर पर कहा था कि कांग्रेस ने मिजोरम राज्य स्वास्थ्य देखभाल योजना (एमएसएचसीएस) के कार्यान्वयन के लिए एक रुपया भी आवंटित नहीं किया।  मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी लोगों को गुमराह करने और कांग्रेस की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए है। हम मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जोरमथांगा को जून महीने के भीतर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि जून खत्म होने से पहले अगर मुख्यमंत्री माफी नहीं मांगते हैं तो कड़े कदम उठाए जाएंगे।एक आरटीआई जवाब का हवाला देते हुए लल्लियांचुंगा ने कहा कि एमएसएचसीएस के कार्यान्वयन के लिए कॉर्पस फंड 2010 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के तहत शुरू किया गया था। प्रारंभ में स्वास्थ्य देखभाल योजना के कार्यान्वयन के लिए 117.80 करोड़ रुपये कॉर्पस फंड के रूप में जमा किए गए थे। उन्होंने कहा कि कॉर्पस फंड कई बैंकों में उच्च ब्याज दर पर जमा किया गया था। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2018 में कॉर्पस फंड में अब तक 155 करोड़ रुपये से अधिक जमा हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान एमएसएचसीएस के तहत लाभार्थियों के लिए कभी भी चिकित्सा बिल लंबित नहीं थे, जैसा कि मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) सरकार के तहत है।