गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाने के पिपरा गांव के निवासी व सीआरपीएफ के जवान सुधांशु मिजोरम में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। शहीद सुधांशु मिजोरम में सीआरपीएफ के हवलदार के पद पर तैनात थे। 

शहीद जवान के पार्थिव शव के साथ आए सीआरपीएफ इंस्पेक्टर हरी शंकर ने बताया कि गुरुवार की शाम सुधांशु अपने 25 साथियों के साथ आइजोल में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इस दौरान अज्ञात स्नैपर शूटर ने सुधांशु को गोली मार दी, जिससे वे वहीं गिर पड़े। पेट्रोलिंग में शामिल अन्य साथी जबतक उन्हें इलाज के लिए लेकर जाते तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। 

शनिवार को शहीद सुधांशु का शव जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, परिजनों के साथ-साथ हजारों ग्रामीणों की आंखें नम हो गयीं। हजारों की भीड़ उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। तेज बारिश के बावजूद शहीद जवान की एक झलक पाने के लिए लोग अपने-अपने घरों से निकल पड़े। शहीद के घर के करीब जाने की जगह नहीं होने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण छतों व चहारदिवारी पड़ चढ़ गए। ताकि उनका अंतिम दर्शन हो सके। 

तीस वर्षीय जवान सुधांशु सिंह विगत 16 जून को अपने गांव से दिल्ली गया था। वहां कुछ दिनों तक क्वारंटाइन रहने के बाद 14 जुलाई को मिजोरम पहुंचा था। इसके अगले दिन ही उनके शहीद होने की सूचना मिली। मृत जवान के पिता सोसिंदर सिंह किसान हैं। गांव में ही खेतीबारी करते हैं। वर्ष 2006 में सुधांशु सीआरपीएफ में सिपाही के पद पर बहाल हुए थे। बाद में प्रमोट होकर हवलदार बने थे। हाल ही में उनका स्थानांतरण दिल्ली से मिजोरम हुआ था। छोटे भाई सौरभ वायु सेना में दार्जिलिंग में कार्यरत हैं।  

सौरभ छुट्टी मे गांव ही आए थे। वे भाई की मौत की सूचना मिलते ही मिजोरम के लिए रवाना हो गए हैं। मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी प्रियंका दहाड़ मारकर रो रही थी। मां को रोता हुआ देखकर जुड़वा बच्चे सुशांत व प्रसुन्न भी रो रहे थे। मासूम बच्चे हर आने जाने वालों से पूछ रहे हैं कि उनके पापा कब आएंगे। गांव में भी मातम पसरा हुआ था।