मिजोरम में अब कोरोना का कोई मामला बाकी नहीं है। मगर

राज्य सरकार ने फिर भी एहतियातन पूरे महीने के लिए लॉक डाउन बढ़ाने का ऐलान

कर दिया है। अभी तक राज्य में सिर्फ एक मामला 25 मार्च को सामने आया था।

वहीं असम ने भी केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर लॉक डाउन को पूरे महीने के

लिए बढ़ाने को कहा है।


कोरोना

का खतरा पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका है। जिन स्थानों पर एक के

बाद एक संक्रमण और मौतों का बेरहम सिलसिला चल रहा है वो किसी भी तरह इससे

बचने का उपाय तलाश रहे हैं। वहीं जहां अभी तक ये जानलेवा रोग पहुंचा ही

नहीं है वो भी कोरोना से दूरी बनाए रखने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं।

मिजोरम में अभी तक सिर्फ एक मामला सामने आया था। एम्सटरडम से लौटे 50

वर्षीय ईसाई पादरी में कोरोना का संक्रमण पाया  गया था।


उन्हें

पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। इसके

बाद से अभी तक पूरे मिजोरम में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी

मिजोरम के हेल्थ मिनिस्टर डॉ. आर ललथंगलियाना ने पूरे मिजोरम का लॉक डाउन

आगे बढ़ा दिया है। साथ ही उन्होंने निजी और सरकारी अस्पतालों से एक साथ

मिलकर मेडिकल अभियान दल बनाकर कोरोना की जांच करने और मरीजों को क्वारंटाइन

करने की नीति बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने असम और त्रिपुरा से भी

अंतर्राज्यीय सीमाओं पर लोगों की आवाजाही रोकने की मांग उठाई।


दूसरी

ओर असम ने भी दो और हफ्तों के लिए लॉक डाउन बढ़ाने की मांग उठाई है।

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से दो

हफ्तों के लिए केंद्र सरकार से लॉक डाउन बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने

बताया कि केंद्र सरकार को इसबारे में तफ्सील से कारण समझाते हुए एक चिट्ठी

लिख कर अपना पक्ष रखा है।