पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) के मामले तीन महीने बाद फिर से सामने आए हैं। बता दें कि यह घरेलू और जंगली सूअरों का एक अत्यधिक संक्रामक रक्तस्रावी वायरल रोग है, जिसने मिजोरम के किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक (पशुधन स्वास्थ्य) डॉ लालमिंगथांग के अनुसार, कई बस्तियों में हाल ही में एएसएफ के कारण कई सुअरों की मौत हुई है।

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इस बीच, डॉ लालमिंगथांग ने कहा कि एएसएफ के नए मामलों में मारे गए सूअरों की संख्या आधिकारिक तौर पर राज्य की मुख्य सचिव रेणु शर्मा के साथ बैठक के बाद बताई जाएगी। यह ध्यान देने योग्य है कि एएसएफ के प्रकोप के कारण, 2021 में मिजोरम में 33,000 से अधिक सूअर मारे गए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, चम्फाई के इलेक्ट्रिक वेंग पड़ोस, जहां सुअर की मौत की सूचना मिली थी, को 21 मार्च से अगले निर्देश तक एक नियंत्रण बिंदु घोषित किया गया है।

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एएसएफ की वजह से सुअर की मौत मिजोरम-मणिपुर सीमा के पास सकावरदाई गांव में भी देखी गई है। इस साल फरवरी से अब तक 100 से ज्यादा सूअरों की मौत हो चुकी है।

विधानसभा को संबोधित करते हुए, राज्य के पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री डॉ. के बिछुआ ने कहा कि पिछले साल एएसएफ के प्रकोप के कारण 33,417 सूअरों की मौत हो गई है, जिससे 60.82 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा, पिछले साल दिसंबर से एएसएफ के कारण किसी भी सुअर की मौत की सूचना नहीं मिली है।