भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में सेना और स्थानीय नागरिक रक्षा बलों के बीच चल रही हिंसक झड़पों के बीच यहां प्रवेश करने वाले शरणार्थियों की संख्या (Myanmar refugees) में तेजी से इजाफा हुआ। अधिकारियों की कहना है कि म्यांमार (violence in myanmar) से अब 22000 से अधिक शरणार्थियों ने सीमा पार पर भारत में प्रवेश कर लिया है, ये शरणार्थी मिजोरम (Mizoram) में घुस रहे हैं।  बीते एक सप्ताह में 8000 शरणार्थियों ने मिजोरम में शरण ली।

मिजोरम सरकार के एक अधिकारी ने  पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने छोटी देशी नाव से टियाउ नदी को पार किया था और वे मिजोरम में घुसे। ऐसे में हम विभिन्न जिलों में पहुंचने वाले वन मार्गों पर नजर रख रहे हैं। बता दें कि मिजोरम के 11 जिलों में से छह - चम्फाई (Champhai), सियाहा, लवंगतलाई, सेरछिप, हन्हथियाल और सैतुअल म्यांमार (Myanmar refugees) साथ 510 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। विस्थापित म्यांमारियों ने भी मिजोरम के अन्य जिलों - आइजोल (Aizawl), लुंगलेई, ख्वाजावल में शरण ली। मिजोरम जिलों में 8,000 से अधिक अप्रवासियों ने अकेले चम्फाई जिले में शरण ली है। अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों ने आश्रय लिया है उनमें से अधिकांश चिन समुदाय के हैं, जिन्हें जो समुदाय के रूप में भी जाना जाता है। जो मिजोरम के मिजो के समान वंश, जातीयता और संस्कृति को साझा करते हैं। 

पिछले साल 1 फरवरी को तख्तापलट के माध्यम से सैन्य सत्ता पर कब्जा करने के बाद से पर्वतीय पूर्वोत्तर राज्य म्यांमार से शरणार्थियों की आमद देख रहा है। शरणार्थियों में कुछ सांसद और म्यांमार के नेता शामिल हैं। मुख्यमंत्री जोरमथंगा (Chief Minister Zoramthanga) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को कई पत्र लिखकर म्यांमार के नागरिकों को राहत, आवश्यक सहायता और शरण देने का आग्रह किया था क्योंकि राज्य सरकार कोविड -19 महामारी और संबंधित समस्याओं से निपटने के लिए वित्तीय संकट का सामना कर रही थी। राज्य के लोकसभा सदस्य सी. लालरोसंगा और राज्यसभा सदस्य के. वनलालवेना ने दिल्ली में केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डीओएनईआर) (DONER) मंत्री जी. किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) और गृह और विदेश मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की थी और म्यांमार के नागरिकों और उनसे आधिकारिक रूप से आश्रय प्रदान करने और वित्तीय सहायता जारी करने का अनुरोध किया था।