मेघालय की राजधानी शिलांग में आत्मसमर्पण करने वाले हनीट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) के उग्रवादी की पुलिस की गोली से मौत के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद माहौल शांतिपूर्ण रहा। 

पूर्वी खासी हिल्स के जिला उपायुक्त इसावांदा लालू ने कहा, स्थिति नियंत्रित और शांत है लेकिन हमने चौकसी बरती हुई है। कल रात के अलावा आज सुबह से कोई भी अप्रिय घटना की रिपोर्ट नहीं मिली है।  गौरतलब है कि पुलिस ने खलीहरियात पुलिस रिजर्व और लैतुमखरा बाजार में एक शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण (आईईडी) विस्फोट में कथित संलिप्तता पर ‘विश्वसनीय जानकारी’ के आधार पर मावलाई किंटन मस्सार में शुक्रवार की तड़के थांगखियू के घर पर छापा मारा था, जिसमें दो लोग घायल हो गए थे। 

पुलिस अधिकारी ने कहा कि एचएनएलसी उग्रवादी नेता को आत्मसमर्पण करने को कहा गया लेकिन उसने पुलिस पर हमला करके भागने का प्रयास किया जिसमें पुलिस ने अपने बचाव के लिए गोली चलाई जो उग्रवादी नेता के लग गयी। थांगखियू के परिवार के सदस्यों ने हालांकि इसे हत्या करार दिया और कुछ लोगों ने पुलिस पर ‘फर्जी मुठभेड़’ करने का आरोप लगाया। रविवार की देर रात अज्ञात बदमाशों ने मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के निजी आवास पर दो पेट्रोल बम फेंके। मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य आधिकारिक आवास में रह रहे हैं। हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक सिल्वेस्टर नोंगटंगर ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। शिलांग और उसके आसपास के उपनगरों में रविवार रात आठ बजे से 17 अगस्त की सुबह पांच बजे तक या फिर अगले आदेश तक कर्फ्यू लगाया गया है।