मेघालय के पूर्वी खासी पर्वतीय जिले के एक गांव में कोरोना संक्रमण के अंदेशा के चलते पृथक किए गए लोगों की स्थानीय गांववालों ने मदद कर भाईचारे की मिसाल पेश की है। दरअस मेघालय में कोविड-19 संक्रमण से जान गंवाने वाले डॉक्टर जॉन साइलो रिनताथियांग के यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली मवठारिया गांव की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई। 

मेघालय में कोविड-19 संक्रमण से केवल एक व्यक्ति की ही मौत हुई है। गांव के सरपंच बी सुतिंग ने कहा कि महिला को शिलांग में कोविड-19 अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि उनके परिवार समेत 18 परिवारों के 35 लोगों को घरों में अलग रहने के लिये कहा गया है। हालांकि वह जांच में कोविड-19 से संक्रमित नहीं पाए गए हैं। दरबार यानि गांव की समिति सामाजिक मेलजोल से दूरी बनाए रखते हुए पृथक किये गए परिवारों को खुद ही भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामान मुहैया करा रही है। 

साथ ही इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है कि कोई इन परिवारों पर लांछन न लगाए। मुख्यमंत्री कोनराड ए संगमा ने भी इस पहल की तारीफ की है। सुतिंग ने कहा, हमारे गांव में कोविड-19 रोगी के बारे में पता चलने पर हमें अपनी जिम्मेदारी का एहसास हुआ। हकीकत यह है कि 18 परिवारों को घरों में अलग रखने से अब हमारा गांव ही पृथक केन्द्र लगने लगा है।