मौसम विभाग ने राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है जबकि असम, मेघालय में भी मानसून एक्टिव रहेगा। इनके साथ ही पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, में भारी बारिश हो सकती है।
आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 1 अगस्त से 28 अगस्त तक देशभर में 296.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि महीने के दौरान औसत बारिश 237.2 मिलीमीटर होती है. इस प्रकार, देशभर में अगस्त में औसत से 25 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। इससे पहले 1976 में अगस्त महीने के दौरान औसत से 28.4 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि 1901 से लेकर 2020 के दौरान अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश 1926 में हुई थी, जब औसत से 33 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड किया गया था।
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, "अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश मध्य भारत में हुई है, जोकि औसत से 57 फीसदी अधिक है, जबकि पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में औसत से 18 फीसदी कम बारिश हुई है। अगस्त में उत्तर-पश्चिम भारत में औसत से एक फीसदी अधिक जबकि दक्षिणी प्रायद्वीय भारत में औसत से 42 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
अब मानसून का रुख उत्तर-पश्चिम भारत की तरफ है जबकि दक्षिण भारत में अगामी सप्ताहों के दौरान भारी बारिश से राहत मिल सकती है। दिल्ली में 25 अगस्त के बाद बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया था जो सही साबित हुआ।

हालांकि सितंबर महीने में अपेक्षाकृत कम बारिश होगी, लेकिन देशभर में बारिश का वितरण समान रहने से खरीफ सीजन की फसलों की पैदावार बढ़ेगी। अक्टूबर के संबंध में अभी पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है।

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार चालू मानसून सीजन में एक जून से लेकर 28 अगस्त तक देशभर में 749.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस दौरान औसत बारिश 689.4 मिलीमीटर होती है। औसत से 20 फीसदी से ज्यादा कम बारिश वाले इलाकों में नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा के अलावा जम्मू-कश्मीर और लदाख शामिल हैं।