मेघालय में पिछले दो दिनों से लापता महिला सोमवार को राज्य के एक बैंक में भूख से तड़पती हुई डिहाइड्रेटिड मिली।  पुलिस को पता चला कि वो बैंक में चोरी के इरादे से आई थी, लेकिन सब कुछ उसके प्लान के मुताबिक नहीं हो सका।  40 साल की इसाबेला मारबोह नाम की महिला को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर अस्पताल भेज दिया।  

शुक्रवार की शाम वह अपने घर से कुछ ही दूरी पर बैंक में चोरी के इरादे से दाखिल हुई।  मार्बो ने सोचा कि उसके पास बिल्कुल सही प्लान है।  बैंक जाते वक्त उसने देखा था कि सर्वर रूम में कोई नहीं है।  उसका प्लान था कि जिस दिन बैंक खुला होगा वो सर्वर रूम में छुप जाएगी।  बैंक बंद होने के बाद वो जहां पैसे रखे हैं वहां जाएगी और फिर बैंक खुलने के दिन वहां से पैसा लेकर फरार हो जाएगी। 

पुलिस ने कहा कि शुक्रवार को वह अपने परिवार को यह कहकर निकली थी कि वह सब्जी खरीदने के लिए बाहर जा रही है।  सब्जी खरीदने के बजाय वह कुछ पैसे जमा करने के बहाने बैंक गई और चुपचाप सर्वर रूम में छुप गई।  बैंक बंद होने पर वह सीधे स्ट्रॉग रूम में पहुंची, लेकिन स्टॉन्ग रूम का लॉकर तोड़ने के लिए उसके पास जरूरी औजार नहीं थी। 

 

उसने कैंची के जरिए उसे खोलने की कोशिश की।  एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें उसके बैग में कारपेंटर के इस्तेमाल किए जाने वाले औजार मिले।  अधिकारी ने कहा कि इसाबेला मारबोह को लगा कि सीसीटीवी कैमरे ने उसकी रिकॉर्डिंग कर ली होगी, इसलिए उसने उसे तोड़ दिया, उसे नहीं पता था कि सीसीटीवी फुटेज ने सब रिकॉर्ड कर लिया होगा। 

मार्बो ने अगली सुबह बैंक के खुलने पर वहां से निकलने का प्लान किया, लेकिन अगले दिन महीने का आखिरी शनिवार होने के चलते छुट्टी थी।  वह रात भर खाने के लिए कुछ चॉकलेट और ओआरएस लेकर गई थी। जब सोमवार को बैंक खुला तो उसी हालत बेहद खराब थी. बैंक मैनेजर ने महिला के पति और पुलिस को फोन किया, बैंक का सीसीटीवी कैमरा टूटा हुआ था। 

 उसका परिवार सोशल मीडिया पर महिला को खोजने के लिए कई अपील कर चुके थे।  न्यूज वेबसाइट ईस्ट मोजो के मुताबिक बिष्णुपुर में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लापता महिला का पता लगाने के लिए मदद मांगने की घोषणा भी की गई थी।  शिलांग के एसपी ने बताया कि महिला को शिलांग यूथ सेंटर क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया।