मेघालय विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की नेता अम्परिन लिंगदोह (Ampareen Lyngdoh) ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) (AICC) की ओर से जारी निलंबन आदेश के बाद सभी पांच कांग्रेस विधायकों की आगे की योजना बताने से इनकार कर दिया है।

बता दें कि लिंगदोह (Ampareen Lyngdoh) सहित कांग्रस के पांच विधायक नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) (NPP) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ एमडीए (MDA) गठबंधन में शामिल हो गए थे। लिंगदोह ने कहा कि फिलहाल वे सभी विकल्प तलाश रहे हैं और जो भी निर्णय फायेदमंद होगा उस पर सामूहिक रूप से फैसला लिया जाएगा। 

पांच विधायकों में से एक पीटी सावक्मी (PT Sawkmie) की ओर से एमपीसीसी प्रमुख विन्सेंट एच पाला (Vincent H Pala) को हटाने की मांग के बारे में पूछे जाने पर लिंगदोह ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। निलंबन आदेश पर टिप्पणी करते हुए सीएलपी नेता ने कहा कि एआईसीसी के पत्र में थोड़ा भ्रम है। हाल ही में पांच कांग्रेसी विधायकों के एमडीए (MDA) में शामिल होने के साथ भाजपा की विचारधाराओं को स्वीकार करने के बयान पर उन्होने कहा कि इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए कुछ नहीं है। वे एमडीए को छोडक़र किसी की विचारधारा को स्वीकार नहीं करते हैं।