रियाणा के गुरुग्राम में नागालौंड की गारो जनजाति के दो लोगों की रहस्यमय हालत में हुई मौत का मामला अब गहरा गया है। मृतकों के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए मेघालय के राज्यपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार, रोजी संगमा की गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। वहीं, सैमुअल संगमा कुछ दिनों बाद होटल के एक कमरे में मृत पाया गया था। दोनों नागालैंड के रहने वाले थे। उनके परिवार ने दोनों मौतों को संदिग्ध बताते हुए गड़बड़ी का आरोप लगाया है और मामले में कार्रवाई की मांग की है।

दिल्ली-एनसीआर में नागालैंड के दो लोगों की मौत पर दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी इंगित प्रताप सिंह बताया कि 24 जून को कापसहेड़ा थाने में एक कॉल आई थी कि गुरुग्राम के एक अस्पताल में रोजी संगमा नाम की महिला की डॉक्टरों की अनदेखी की वजह से मौत हो गई है। महिला कुछ दिनों से उस अस्पताल में भर्ती थी। वहीं, उसका एक रिश्तेदार सैमुअल संगमा होटल में 3 दोस्तों के साथ रह रहा था। वो भी रोजी को गुरुग्राम में अटेंड करता था। रोजी की मौत से वह बहुत दुखी था। उसने 25 जून को अपनी मां और पिता को फोन करके कहा कि मैं अस्पताल प्रशासन से लडूंगा और रोजी को न्याय दिलाऊंगा। उसके बाद सुबह करीब 9: 30 बजे वह पंखे से लटकता हुआ मिला। 

डीसीपी ने बताया कि हमें सैमुअल के मामले में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उसकी मौत आत्महत्या से हुई है। हम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रोजी के केस में आज पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ जाएगी और अगर कुछ भी संदिग्ध पाया जाता है तो परिवार पुलिस में शिकायत कर सकता है। पुलिस इस मामले में छानबीन कर रही है।  

वहीं, मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हरियाणा के गुरुग्राम में एक गारो परिवार के दो व्यक्तियों की रहस्यमय मौत के मामले में न्याय की मांग की है। रोजी संगमा की जहां गुरुग्राम स्थित एक निजी अस्पताल में इस सप्ताह के शुरू में संदिग्ध मौत हो गई थी, वहीं उनका भतीजा सैम्युल संगमा कुछ दिन बाद एक कमरे में लटका मिला। दोनों नागालैंड के दीमापुर के रहने वाले थे।

राजभवन के एक अधिकारी ने एक बयान में कहा कि मेघालय के राज्यपाल ने मीडिया में आईं खबरों और पूर्वोत्तर के दो लोगों की अप्राकृतिक मौत पर असंतोष तथा मुद्दे पर उन्हें मिली याचिका पर संज्ञान लिया है। बयान में कहा गया कि रविवार को दिल्ली की यात्रा पर गए राज्यपाल स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं त्वरित जांच तथा न्याय सुनिश्चित कराने के लिए मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे।