कोरोना काल में देश की कई व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई है। जिससे देश कई काम करने में परेशानियां आ रही है। कोरोना काल में आर्थिक व्यवस्था का बनाए रखने के लिए सरकार ने लोगों के वेतन से कटौती की है। इसी समय में कई लोगों को वेतन भी नहीं मिला है। इसी कड़ी में मेघालय में हजारों शिक्षकों ने अपने वेतन के भुगतान में कथित देरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप की मांग की है। बता दें कि केंद्र के समागम शिक्षा अभियान (SSA) के तहत नियोजित शिक्षकों को कम से कम 5 महीने के वेतन का भुगतान करना होता है।

इन शिक्षकों ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। शिक्षकों द्वारा उनके लंबित वेतन को जारी करने में केंद्र द्वारा कथित देरी के विरोध में पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया गया है। इस मामले पर मेघालय एसएसए स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरस्तू सी रिम्बाई ने बताया कि केंद्र द्वारा एसएसए के तहत 12 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई थी।


राज्य भर में उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए 2,907 निम्न प्राथमिक और 2,232 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है। इस बीच, मेघालय के शिक्षा मंत्री लाखों लोग रिंबुई ने उम्मीद जताई कि केंद्र जल्द से जल्द एसएसए शिक्षकों के लंबित वेतन को जारी करेगा। मेघालय के शिक्षा मंत्री लखमेन रिंबुई ने कहा कि हमने मामले में केंद्र से संपर्क किया है और उम्मीद है कि शिक्षकों के लंबित वेतन को क्रिसमस से पहले जारी कर दिया जाएगा।