दुनिया कई अजीबो गरीब चीजें है जिनको देखने पर लगता है कि धरती वाकई बहुत ही रहस्यों से भरी है। इतनी सारी विविधता देखने को मिलती है। इसी तरह एक गजब की खाने वाली और सेहत को बनाने वाली मशरूम की बात करते हैं तो धरती पर चमकने वाले मशरूम की 97 प्रजातियां हैं। मशरूम वैसे तो चमकती हुई कभी देखी नहीं गई है लेकिन भारत के पर्वोत्तर राज्य मेघालय के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में हरी रोशनी बिखेरने वाला यह मशरूम पाया गया है। जो वाकई बहुत ही खुबसूरत लगता है।


वैज्ञानिकों ने बताया कि चमकदार मशरूम को आम भाषा में बायोल्युमिनेसेंट कहते हैं। मेघालय में खास तरह के मशरूम की एक प्रजाति हरे रंग की चमकदार रोशनी से जगमग करती हुई नजर आती हैं। जानकारी के लिए बता दें कि मशरूम की इस प्रजाति का नाम रॉरीडोमाइसीज़ फिलेस्टाचीडस है। नॉर्थ-ईस्ट में मशरूम का एक प्रोजेक्ट चलाया गया था जिसमें मशरूम की 600 प्रजातियां भी सामने आई हैं। चमकने वाली मशरूम पश्चिमी जयंतिया हिल्स जिले में भी मिली है।


चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज की मायकोलॉजिस्ट सामंथा करूनार्थना पौधों और जानवरों के चमकने पर का रहस्य बताती है कि कुछ जानवर, पौधे, बैक्टीरिया और मशरूम ऐसे होते हैं जो प्रकाश बिखेरते हैं। वैसे तो यह आमतौर पर समुद्र में पाए जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं तो जमीन पर मिलते हैं जो कि इनमें मौजूद केमिकल पर निर्भर करता है। चमकने वाला मशरूम में खास तरह का एंजाइम ल्युसीफेरेज पाया जाता है जो कि ऑक्सीजन से मिलने पर हरा रंग बनाता है और फिर एक्स्ट्रा एनर्जी होती है जो हरे प्रकाश निकलता है।