शिलांग। मेघालय (Meghalaya) के कम से कम 24 छात्र युद्धग्रस्त यूक्रेन (war-torn Ukraine) फंसे हुए हैं और वहां से निकलने के लिए भारतीय दूतावास के अधिकारियों के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। मेघालय के गृह (राजनीतिक) सचिव, सिरिल वी.डी. डिएंगदोह ने विदेश मंत्रालय (एमईए) के सचिव को पत्र लिखकर यूक्रेन में फंसे मेघालय के छात्रों को निकालने के लिए सहायता का अनुरोध किया है। 

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विदेश सचिव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, 'मैं आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि मेघालय सरकार को युद्धग्रस्त युद्ध यूक्रेन में फंसे छात्रों/माता-पिता/अभिभावकों से फोन आए हैं।' उन्होंने कहा, 'मेघालय सरकार जल्द से जल्द छात्रों को भारत लाने के लिए आवश्यक प्रावधान और सुरक्षित मार्ग प्रदान करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के लिए विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप की मांग करती है।' 

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मेघालय के 24 छात्रों (जो विभिन्न चिकित्सा विश्वविद्यालयों में चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे हैं) में से ज्यादातर बंकरों में छिपे हुए हैं, जबकि अन्य को सुरक्षित रहने के लिए कॉलेज के तहखाने में शरण लेने के लिए कहा गया है। जपोरिज्जिया स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में चिकित्सा की पढ़ाई कर रही रिची कालरा ने यूनीवार्ता को फोन पर बताया, 'अब हम भारतीय दूतावास के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि हमें सुरक्षित स्थानों पर वापस लाया जा सके। अब तक, (भारतीय) दूतावास से किसी ने भी हमसे संवाद नहीं किया है।' 

कालरा को भारत आने के लिए 24 फरवरी उड़ान भरनी थी, लेकिन यूक्रेन सरकार द्वारा हवाई क्षेत्र को बंद करने के बाद एयरलाइन ने उड़ान रद्द कर दी। उन्होंने कहा, 'हम छात्रावास से बाहर नहीं आना चाहते, क्योंकि हमें पता नहीं है कि क्या होने वाला है। हम यहां बंकरों के अंदर हैं। भारत सरकार से हमारी अपील है कि हमें जल्द से जल्द निकाला जाए। हम केवल घर वापस आना चाहते हैं और स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है।'

एक अन्य छात्र दफीबलाहुन लिंगदोह मावलोंग ने बताया कि वे लोग छात्रावास में रह रहे थे, लेकिन पास के शहर में एक हमले की रिपोर्ट के बाद, विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने अलार्म बजाया, जिससे छात्रों को कॉलेज के तहखाने में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, 'हम केवल भारतीय दूतावास के अधिकारियों द्वारा हमें निकालने का इंतजार कर रहे हैं। अब तक हम सुरक्षित और स्वस्थ हैं, लेकिन हम घर वापस आना चाहते हैं।'

इससे पहले, मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से राज्य के उन छात्रों की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने का आग्रह किया था, जो इस समय संकटग्रस्त यूक्रेन में फंसे हुए हैं।