मेघालय सरकार डॉक्टरों की कमी का सामना कर रही है जबकि राज्य में कोविड-19 मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन दिया था, लेकिन बहुत कम ही आवेदन आये। स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने कहा, 'वर्तमान रिक्त पदों के अनुसार 100 से अधिक डॉक्टरों की कमी है। स्वास्थ्य विभाग को कोविड-19 स्थिति से निपटने के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्ति के लिए 50 डॉक्टर भी नहीं मिल सके।' 

उन्होंने कहा, 'हमने राज्य के साथ-साथ राज्य के बाहर भी डॉक्टरों के पद के लिए विज्ञापन दिये, लेकिन कोई भी (आवेदन करने के लिए) आगे नहीं आया है।' स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राज्य भर में विभिन्न सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में 800 से अधिक डॉक्टर हैं और सभी कोविड -19 महामारी से लड़ने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कमी मुख्य रूप से इस कारण से है कि कई डॉक्टर अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में काम करने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनमें से कई ने राज्य में अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करने के लिए बांड राशि का भुगतान कर दिया है। वार ने कहा, 'दो साल में ऐसे डॉक्टरों से बॉन्ड राशि के तहत जुर्माने के रूप में तीन करोड़ रुपये से अधिक राशि प्राप्त हुई है।'

उन्होंने कहा, बांड राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है लेकिन अभी भी कई डॉक्टर राज्य के सरकारी अस्पतालों में काम करने को तैयार नहीं हैं।अधिकारियों ने कहा कि मेघालय में सोमवार को कोविड-19 के 52 नए मामले सामने आये जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,114 हो गई।कुल 1,114 कोविड-19 मामलों में से 610 मरीज उपचाराधीन हैं, 498 लोग बीमारी से ठीक हो चुके हैं और छह की मौत हो गई है।