मेघालय में सोमवार को एक ग्राम परिषद ने वरिष्ठ पत्रकार पेट्रीसिया मुखीम की एक फेसबुक पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दावा किया गया है कि इस पोस्ट से सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 

पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित और 'द शिलांग टाइम्स' अखबार की संपादक मुखीम ने शुक्रवार को एक बास्केटबॉल कोर्ट में पांच लड़कों पर हमले के बाद हमलावारों की पहचान करने में नाकाम रहने के लिए लॉसोहतुन के ग्राम दरबार (परिषद) की फेसबुक पर आलोचना की थी। पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक सिलवेस्टर नोंगटीन्जर ने बताया कि पुलिस ने 11 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, लेकिन मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।' 

उन्होंने बताया कि पुलिस टिप्पणी के संबंध में मुखीम के खिलाफ शिकायत की जांच कर रही है। शिकायत में, लॉसोहतुन के ग्राम प्रधान लुरशाई शायला ने कहा कि उनके बयान ने सांप्रदायिक तनाव को पैदा किया है और सांप्रदायिक संघर्ष भड़क सकता है। 

शिकायत के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कुछ मीडिया हाउस ने उनके पोस्ट को सांप्रदायिक रंग देकर इस मुद्दे को उछाल दिया, क्योंकि उनके पोस्ट में आदिवासी और गैर-आदिवासियों के बीच 1979 के संघर्ष का उल्लेख किया गया था। शिकायत में कहा गया कि इस तरह से, इस पोस्ट ने सभी खासी वासियों को अत्यधिक खतरे में डाल दिया। 

एसपी ने कहा, 'हम इसकी (शिकायत) जांच कर रहे हैं। आपको पता चल जाएगा।’’ शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए, मुखीम ने कहा, ‘‘मैं इसके खिलाफ (अदालत में) लड़ूंगी।'