अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के नेता Mukul M. Sangma ने मुख्यमंत्री Conrad K. Sangma का उपहास उड़ाया कि उन्होंने लोगों को दिए जाने वाले उचित बकाये भुगतान को 'उपहार' करार दिया है। AITC नेता मुख्यमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ मेघालय और असम के बीच जटिल सीमा विवाद का समाधान राज्य के लिए स्वर्ण जयंती का तोहफा होगा ”।

Mukul ने कहा कि “सीएम ने 2020 में कहा था कि सरकारी कर्मचारियों का बकाया क्रिसमस उपहार के रूप में दिया जाएगा। लोगों की मेहनत की कमाई कब उपहार बन गई?” सरकार ने भुगतान करने की बाध्यता को भी पूरा नहीं किया और इस लापरवाही को छिपाने के लिए बकाए भुगतान को तोहफे का नाम देकर कार्मियों को  लॉलीपॉप थमा रहे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “किसी का बकाया नहीं चुकाना आपराधिक है। वे (एमडीए) कभी भी अपनी बात नहीं रखते हैं, जैसा कि वेतन संशोधन के बाद कर्मचारियों को 30% बकाया भुगतान करने के वादे के साथ हुआ था ”।
AITC नेता Mukul M. Sangma ने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, हालांकि जमीन पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा, "आज आप जो भी विकास कार्यक्रम देखते हैं, वे पिछली सरकार द्वारा किए गए थे।"