मेघालय सरकार ने शुक्रवार को 7 जिलों में इंटरनेट निलंबन को 48 घंटे के लिए बढ़ा दिया। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब आदि में कानून और व्यवस्था को गंभीर रूप से भंग करने की क्षमता है। असम मेघालय सीमा के सीमावर्ती इलाकों में अप्रिय घटना के मद्देनजर शुक्रवार को एक सार्वजनिक आदेश जारी करते हुए, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी, मेघालय सरकार ने राज्य के 7 जिलों (पश्चिम जयंतिया हिल्स, ईस्ट जयंतिया हिल्स, ईस्ट खासी हिल्स, री-भोई, ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स, वेस्ट खासी हिल्स और साउथ वेस्ट खाली हिल्स) में इंटरनेट बंद जारी रखने का फैसला किया। इन जिलों में इंटरनेट निलंबन 26 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा।

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बता दें, मेघालय की राजधानी शिलांग में गुरुवार शाम को उपद्रवियों द्वारा एक ट्रैफिक बूथ में आग लगाने और एक सिटी बस समेत तीन पुलिस वाहनों पर हमला करने के बाद तनाव व्याप्त हो गया था। यह घटना 22 नवंबर को असम-मेघालय सीमा पर हुई हिंसा के विरोध में कुछ समूहों द्वारा आयोजित मोमबत्ती जुलूस के दौरान हुई। मिली जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने तनाव शांत करने के लिए तैनात पुलिस बलों पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने तनाव शांत करने के लिए तैनात पुलिस बलों पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने और आदेश को लागू करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

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एएनआइ से फोन पर बात करते हुए शिलांग के ईस्ट खासी हिल्स के एसपी एस नोंगटंगर ने कहा कि इस घटना में एक सिटी बस और एक जिप्सी समेत तीन पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। उपद्रवियों ने शहर में एक ट्रैफिक बूथ में आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर पेट्रोल बम फेंके। इससे पहले मंगलवार को असम के पुलिस और वन रक्षकों की टुकड़ी और ग्रामीणों के बीच कथित झड़प में छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह झड़प पश्चिम जयंतिया हिल्स के मुकरोह गांव की सीमा से लगे इलाके में हुई। मारे गए लोगों में असम एक वनरक्षक भी था।