शिलांग। पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। राज्य में उसके सभी पांच विधायकों ने सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हो गए हैं। बता दें कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्तारुढ़ गठबंधन मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) का हिस्सा है। लेकिन कांग्रेस को लगे इस झटके से कांग्रेस के साथ-साथ कांग्रेस के प्रदेश प्रमुख भी हैरान हैं। 

भाजपा की मेघालय इकाई के प्रमुख अर्नेस्ट मावरी ने हैरानी जताते हुए कहा, 'शेर और हिरण एक ही समय में एक ही जल स्रोत से कैसे पानी पी सकते हैं?' वहीं, प्रदेश कांग्रेस महासचिव देबरा मारक ने सवाल किया, 'विधायक मेघालय प्रदेश कांग्रेस समिति या दिल्ली में पार्टी आलाकमान से परामर्श किए बिना ऐसा कैसे कर सकते हैं?'

इसके साथ ही राज्य से कांग्रेस का सफाया हो गया है। अब राज्य में उसके एक भी विधायक नहीं हैं। इसलिए राज्य में विपक्ष की कुर्सी पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस काबिज हो गई है। अब विधानसभा में विपक्ष के स्थान पर सिर्फ टीएमसी ही है। हालांकि, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने कहा कि कांग्रेस के सभी पांच विधायकों के एमडीए में शामिल होने से उनकी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और गठबंधन में शामिल भाजपा समेत अन्य दलों के बीच संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बता दें कि प्रदेश भाजपा प्रमुख मावरी का कहना है कि शेर और हिरण एक ही समय में एक ही जल स्रोत से कैसे पानी पी सकते हैं? कभी नहीं सुना, सच में? भाजपा और कांग्रेस की विचारधारा और कामकाज की शैली बिल्कुल विपरीत है और इस पर हम जल्द ही मुख्यमंत्री कोनराड संगमा से मिलकर स्पष्टीकरण मांगेंगे।

वहीं मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विंसेंट एच पाला ने इस घटनाक्रम को स्तब्ध करने वाला बताया और कहा कि पार्टी ने शुक्रवार को कार्यकारी समिति की आपातकालीन बैठक बुलाई है।

बता दें कि कांग्रेस को झटका देते हुए पार्टी के 17 विधायकों में से 12 विधायक पिछले साल नवंबर में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के शेष पांच सदस्य मंगलवार को सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हो गए। हालांकि सीएलपी नेता अम्पारीन लिंगदोह ने कहा कि विधायक कांग्रेस में बने रहेंगे।