मेघालय के उच्च न्यायालय ने अवैध कोयला खनन में कथित रूप से शामिल अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए राज्य के मुख्य सचिव आरवी सुचियांग की खिंचाई की है। मेघालय उच्च न्यायालय ने कहा कि इन अधिकारियों ने  अवैध कोयला खनन में सक्रिय रूप से सहायता की।

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मेघालय उच्च न्यायालय की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पहले से खनन किए गए कोयले के निपटान के लिए निर्धारित समय सीमा को पूरा नहीं किया गया था, जिससे ताजा अवैध कोयला खनन हुआ।

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मेघालय उच्च न्यायालय ने कहा कि यह स्थानीय प्रशासन की सक्रिय मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता था। जवाबदेही होनी चाहिए और मामले के इस पहलू पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए, 

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मेघालय उच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख करने में विफल रहा, "जिन्होंने न केवल अनदेखा किया बल्कि इसमें सक्रिय रूप से सहायता भी की जबकि अवैध खनन फल-फूल रहा था।