मेघालय उच्च न्यायालय ने सुन हिन्निवट्रेप नेशनल अवेकनिंग मूवमेंट के विधायक अलबर्ट नोनग्रुम द्वारा माफी मांगने के उनके खिलाफ चल रही अवमानना की कार्यवाही खत्म कर दी है। आपको बता दें कि 2015 में अदालत के खिलाफ बयान देने से जुड़े अवमानना के इस मामले में नोनग्रुम के साथ हिन्निवट्रेप युवा परिषद के पांच नेता एंथनी खारबुली, रॉबर्टजुन खारजारीन, डोनबोकलांग खारलिंगदोह, निकसन दोहलिंग और आइजक बसाइमोइत भी आरोपी हैं।

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मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति डब्ल्यू. दिंगदोह की खंड पीठ ने मंगलवार को कहा कि चूंकि पहले प्रतिवादी (नोनग्रुम) ने हलफनामा दायर कर दिया है और पिछले आदेश में यह संज्ञान में लिया गया था कि अन्य प्रतिवादी भी हलफनामा दायर कर चुके हैं, ऐसे में इसमें आगे कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।

पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादियों को याद दिलाया जाता है कि सभी नागरिक किसी भी प्रणाली या संस्थान की समालोचना कर सकते हैं, लेकिन छवि धूमिल करने वाली आलोचनाओं से संस्थान के सम्मान को ठेस पहुंचता है और ऐसे संस्थानों की साख भी खराब होती है।’’

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अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए नोनग्रुम ने कहा, ‘‘मैं सात साल के बाद मुकदमा बंद होने से खुश हूं। मेरी माफी स्वीकार करने के लिए मैं मेघालय उच्च न्यायालय का कृतज्ञ हूं। मुझे भारत के संविधान और उसकी संस्थाओं में पूरा यकीन है।’’